सिरसा , सरकार ने खेल प्रतिभाओं के लिए निकाली भर्ती में CET पास करने को अनिवार्य बना दिया, जो पूरी तरह से खेल के असली सितारों के भविष्य पर कुठाराघात है।
जिला प्रधान इनैलो प्रकोष्ठ विनोद रोज ने बताया कि हजारों युवा खिलाड़ी जो देश-प्रदेश का नाम रोशन करना चाहते थे, उनकी मेहनत और सपनों को सरकार ने बेरहमी से कुचल दिया है। हरियाणा सरकार खेल नीतियों में बिल्कुल फैल हे।
सरकार की यह कठोर शर्त न केवल खिलाड़ियों की भावनाओं के खिलाफ है, बल्कि खेल के विकास को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। इतने बड़े पैमाने पर खेल प्रतिभाओं को बेरोज़गार और निराशा की सुल्तान बनाया जा रहा है

, जबकि देश को ऐसे युवा चाहिए जो खेल में चमकें। विनोद रोज ने यह भी बताया कि जब प्रदेश में इनैलो की सरकार थी, तो खिलाड़ियों को न सिर्फ नौकरी, बल्कि पूरा मान-सम्मान मिलता था
और B ग्रेड मिलती थी जूनियर को भी और आज सीनियर को D ग्रेड मिल रही हे उसमें भी CET की शर्ते रख दी । इनैलो सरकार ने जूनियर स्टेट पदक विजेता को भी नौकरियां देने का काम किया ।
लेकिन अब भाजपा सरकार ने पदक विजेताओं को भी चपरासी जैसी निचली नौकरी पर धकेल दिया है, जो खेल और खिलाड़ियों के प्रति गहरा अपमान है।
यह सरकार खेल में चमकने वाले युवाओं के जीवन से खिलवाड़ कर रही है, उनकी मेहनत और सपनों को दरकिनार कर रही है।
हरियाणा सरकार को तुरंत इस गैरजिम्मेदाराना नीति को वापस लेकर खेल प्रतिभाओं का सम्मान करना चाहिए और उनके भविष्य को उज्जवल बनाना चाहिए।

