घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ा, सिरसा में मची हड़कंप
हरियाणा के सिरसा जिले में घग्गर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह घग्गर की मुख्य धारा ने झोरनाली और केलेनिया गांवों के बीच बांध को तोड़ दिया, जिसके कारण लगभग 1200 एकड़ कृषि भूमि डूब गई। धान, कपास और अन्य फसलें बर्बाद हो गईं, वहीं सिंचाई के लिए लगाए गए मोटर भी जलमग्न हो गए। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

सिरसा में घग्गर नदी का संकट क्यों बढ़ा?
- शुक्रवार सुबह सरदूलगढ़ प्वाइंट पर जलस्तर 43,420 क्यूसेक दर्ज किया गया।
- शाम तक यह बढ़कर 43,940 क्यूसेक तक पहुंच गया।
- ओट्टू हेड पर 21,700 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया और सभी गेट खोल दिए गए।
- राजस्थान की ओर भी पानी छोड़ा गया, जहां हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
किसानों पर टूटा संकट
घग्गर नदी के बांध टूटने से सबसे बड़ा नुकसान किसानों को हुआ है।
- झोरनाली और केलेनिया गांवों के बीच की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं।
- सिंचाई मोटर और पंप जलमग्न हो गए।
- किसानों ने कहा कि बाढ़ से उनकी सालभर की मेहनत पानी में चली गई।
- जिन खेतों में खड़ी फसल थी, वे अब दलदल में बदल गए हैं।
गांवों में सड़क संपर्क टूटा
पानी के बढ़ते दबाव ने गांवों का सड़क संपर्क भी तोड़ दिया है।
- मुख्य बांध तक पानी पहुंच गया है।
- सिरसा जाने वाली कई सड़कें डूब चुकी हैं।
- धोतर, धानी लिम्बा और खरियां गांव अब बाहरी दुनिया से कट गए हैं।
- ग्रामीणों को अब पनजुआना या रानियां होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
- रोज सिरसा आने-जाने वाले लोग खासकर झोरनाली के मजदूर और कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
प्रशासन ने की मोर्चेबंदी
बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।
- सिरसा के उपायुक्त शंतनु शर्मा और एसडीएम ने बांध टूटने वाले स्थानों का दौरा किया।
- अधिकारियों को तुरंत मरम्मत और सुरक्षा कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए।
- प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
- सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
ग्रामीणों ने संभाली मोर्चेबंदी
सिरसा के गांवों में केवल प्रशासन ही नहीं, ग्रामीण भी बाढ़ से लड़ाई में शामिल हो गए हैं।
- किसान खुद मिट्टी के थैले और रेत से बांधों को मजबूत कर रहे हैं।
- ग्रामीण समूह बनाकर चौकसी कर रहे हैं ताकि कहीं और दरार न आ सके।
- महिलाएं और बच्चे भी राहत कार्यों में हाथ बंटा रहे हैं।

राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन और स्थानीय निवासी मिलकर बाढ़ से राहत कार्य कर रहे हैं।
- प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
- जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी है।
- पशुओं को भी ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
- आपदा प्रबंधन दल गांवों के चारों ओर गश्त कर रहे हैं।
घग्गर नदी का इतिहास और सिरसा पर असर
घग्गर नदी हर साल बारिश के मौसम में सिरसा और आसपास के इलाकों में तबाही लाती है।
- नदी का जलस्तर बढ़ने पर हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है।
- सिरसा जिले के गांव बार-बार जलभराव से प्रभावित होते हैं।
- विशेषज्ञों का कहना है कि नदी पर स्थायी समाधान की जरूरत है, ताकि हर साल किसानों को फसल नुकसान न झेलना पड़े।
किसानों की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- उन्हें फसल का उचित मुआवजा दिया जाए।
- सिंचाई मोटरों और उपकरणों का नुकसान भी गिना जाए।
- स्थायी बांध और नहर प्रणाली बनाई जाए ताकि भविष्य में बाढ़ का खतरा न रहे।
निष्कर्ष: सिरसा में हालात अब भी नाजुक
घग्गर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और सिरसा जिले के कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। फिलहाल प्रशासन और ग्रामीण मिलकर हालात को काबू में लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन 1200 एकड़ फसल का डूबना और गांवों का सड़क संपर्क टूटना एक बड़ा संकट है।

