सिरसा, 27 फरवरी। जिले के गांव चौटाला में हुए डबल मर्डर मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आठ आरोपियों को बरी कर दिया है। इसमें आरोपी छोटूराम भाट, महेंद्र उर्फ गंगाजल, सुखविंदर उर्फ मिड्डा, सुखराम उर्फ कालू, रविंदर उर्फ विक्की, सुखदीप सिंह उर्फ सुख, हरसिमरनदीप सिंह उर्फ सेमा, सुखजीत सिहं के खिलाफ सबूत नहीं मिले।
वकील यशपाल शर्मा के अनुसार मामले में शिकायतकर्ता रणबीर सिंह की शिकायत पर सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसमें अमित सहारण और सतबीर पूनियां की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोपी जिपी उर्फ डॉन, बंटी उर्फ कमलजीत सिंह, और निशांत सिंह की पंजाब पुलिस एनकाउंटर में पहले ही मौत हो चुकी है।
11 जनवरी 2017 की रात को चौटाला निवासी अमित सहारण उर्फ घन्ना, सतबीर पूनियां की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि उनके साथ बैठे रणबीर ने छिपकर जान बचाई थी। पुलिस ने रणबीर सहारण के बयान पर केस दर्ज किया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने जनवरी 2017 में हरियाणा के सिरसा जिले के चौटाला गांव में हुए दोहरे हत्याकांड मामले में दोनों मृतकों की पत्नी नवीना और भावना की याचिका पर सुनवाई करते हुए की सीबीआई जांच कराने के आदेश दिए थे।
इसके बाद आरोप पत्र पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत में दायर किया था। जनवरी 2017 में चौटाला गांव में स्थित प्रदीप गोदारा के किन्नू वैक्सिंग प्लांट पर सतवीर पूनिया व अमित सहारण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सीबीआई की जांच में प्रदीप गोदारा को क्लीन चिट दी गई थी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता नवीना और भावना ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने प्रदीप गोदारा के ऑफिस से निकलने के बाद ही गोलियां बरसाईं और हत्याकांड को अंजाम दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि जानबूझकर घटना से एक दिन पहले सीसीटीवी के तार काट दिए गए।
