नई दिल्ली, 1 फरवरी 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना आठवां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में मध्यम वर्ग, किसानों, महिला उद्यमियों और एमएसएमई सेक्टर के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इसके साथ ही, नए टैक्स स्लैब की भी घोषणा की गई है, जिससे करदाताओं को राहत मिलेगी।
बजट 2025 की मुख्य बातें
- नई आयकर दरों की घोषणा
- कृषि एवं किसान कल्याण के लिए योजनाएं
- महिला उद्यमिता को बढ़ावा
- एमएसएमई सेक्टर के लिए वित्तीय सहायता
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन पर जोर
- डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन
- रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ा बजट
1. नए कर स्लैब की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में आयकर दरों में बदलाव किया है, जिससे मध्य वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नए कर स्लैब निम्नलिखित हैं:
| वार्षिक आय | कर दर (%) |
|---|---|
| 0 – 3 लाख | कोई कर नहीं |
| 3 – 6 लाख | 5% |
| 6 – 9 लाख | 10% |
| 9 – 12 लाख | 15% |
| 12 – 15 लाख | 20% |
| 15 लाख से अधिक | 30% |
इसके अलावा, स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है, जिससे करदाताओं को अतिरिक्त राहत मिलेगी।
2. कृषि और किसान कल्याण योजनाएं
सरकार ने किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
- पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना सहायता राशि बढ़ाकर ₹8,000 कर दी गई है।
- प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ₹15,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
- कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड को बढ़ाकर ₹50,000 करोड़ किया गया है, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी।
3. महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के लिए बजट 2025 में कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
- महिला उद्यमिता विकास योजना के तहत महिला उद्यमियों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
- सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) योजना का बजट बढ़ाकर ₹20,000 करोड़ किया गया है।
- मातृत्व लाभ योजनाओं के तहत गर्भवती महिलाओं को ₹12,000 की सहायता राशि दी जाएगी।
4. एमएसएमई सेक्टर को वित्तीय सहायता
एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई वित्तीय योजनाएं शुरू की हैं।
- एमएसएमई को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए ₹2 लाख करोड़ की क्रेडिट गारंटी योजना शुरू की गई है।
- स्टार्टअप्स को कर छूट और फंडिंग में बढ़ोतरी की गई है।
5. इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर विशेष ध्यान
सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और रोजगार सृजन के लिए बजट 2025 में कई योजनाएं घोषित की हैं।
- राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत 20,000 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
- रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं के लिए ₹3 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।
- मेक इन इंडिया योजना को और सशक्त बनाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जाएगा।
6. डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
डिजिटल इंडिया अभियान को और गति देने के लिए सरकार ने स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए विशेष बजट आवंटित किया है।
- 5G नेटवर्क के विस्तार के लिए ₹50,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
- स्टार्टअप इंडिया मिशन के तहत नवाचार और अनुसंधान में निवेश बढ़ाया जाएगा।
- डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए UPI लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
7. रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत किया गया
रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बजट 2025 में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।
- रक्षा बजट ₹6 लाख करोड़ किया गया है, जिससे देश की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमा कवरेज को बढ़ाकर ₹7 लाख किया गया है।
- ग्रामीण इलाकों में 100 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
बजट 2025 में सरकार ने सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए संतुलित घोषणाएं की हैं। नए कर स्लैब से मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी, जबकि कृषि, महिलाओं, एमएसएमई और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं।
इसके अलावा, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप और रक्षा क्षेत्र में भी सरकार का ध्यान केंद्रित है। कुल मिलाकर, यह बजट आर्थिक सुधारों और विकास को गति देने वाला साबित हो सकता है।
