नई दिल्ली:
भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में दिल्ली मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण पर हुए खर्च का खुलासा हुआ है, जिसने दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस रिपोर्ट को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। यह रिपोर्ट दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा मुद्दा बन सकती है।
नवीनीकरण पर कितना खर्च हुआ?
प्रारंभिक अनुमान से भारी बढ़ोतरी
- प्रारंभिक अनुमान: 7.91 करोड़ रुपये।
- काम आवंटित होने पर: 8.62 करोड़ रुपये।
- अंतिम लागत: 33.66 करोड़ रुपये।
CAG की जांच के अनुसार, 2020 में जब यह काम शुरू हुआ, तब इसकी लागत का अनुमान लगभग 8.62 करोड़ रुपये था। लेकिन 2022 में जब दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसे पूरा किया, तब यह आंकड़ा 33.66 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
भाजपा का दावा: “वास्तविक खर्च इससे कहीं ज्यादा”
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया है कि 33.66 करोड़ रुपये केवल एक आंकड़ा है, और वास्तविक खर्च इससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि यह खर्च सार्वजनिक धन की बर्बादी और जनता के विश्वास के साथ धोखा है।
क्या कहती है CAG की रिपोर्ट?
CAG की प्रक्रिया
CAG की रिपोर्ट, जिसे पूर्व नियंत्रक और महालेखा परीक्षक गिरीश चंद्र मुर्मू ने नवंबर में अपने कार्यकाल के अंतिम सप्ताह में मंजूरी दी, ने नवीनीकरण प्रक्रिया में कई अनियमितताओं का खुलासा किया। रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं:
- प्रारंभिक अनुमानों में भारी वृद्धि:
- शुरुआती बजट की तुलना में अंतिम लागत लगभग चार गुना बढ़ गई।
- नियमों की अनदेखी:
- टेंडर प्रक्रिया और ठेकेदारों के चयन में पारदर्शिता की कमी।
- लक्जरी सामग्री का उपयोग:
- महंगे विदेशी मार्बल और कस्टम-डिज़ाइन किए गए फर्नीचर का इस्तेमाल।
भाजपा के आरोप
“शीश महल” की संज्ञा
भाजपा नेताओं ने इस नवीनीकरण को “शीश महल” कहा है। उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले जो सादगी और पारदर्शिता का वादा किया था, वह इस मामले में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
जनता के पैसे का दुरुपयोग
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “यह आम जनता के पैसे का खुला दुरुपयोग है। केजरीवाल सरकार ने गरीबों के पैसे से अपने लिए महल खड़ा किया।”
विधानसभा चुनाव पर असर
भाजपा को उम्मीद है कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करेगा। भाजपा नेताओं ने कहा कि वे इस मामले को हर मंच पर उठाएंगे।
आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया
आरोपों को बताया “राजनीतिक प्रोपेगेंडा”
AAP ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए इसे “राजनीतिक प्रोपेगेंडा” बताया है। पार्टी ने कहा कि CAG रिपोर्ट को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
“विकास के कामों को रोका जा रहा है”
AAP नेताओं का कहना है कि भाजपा दिल्ली में विकास कार्यों को बाधित करने के लिए ऐसी रणनीति अपना रही है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है और सभी कार्य नियमानुसार किए गए हैं।
विशेषज्ञों की राय
सार्वजनिक धन का उपयोग
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए।
कानूनी कार्रवाई की संभावना
अगर CAG की रिपोर्ट में उल्लिखित अनियमितताएं सही साबित होती हैं, तो यह मामला कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
दिल्ली मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण पर CAG की रिपोर्ट ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर केजरीवाल सरकार को घेरने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी इसे महज राजनीतिक हथकंडा बता रही है।
आगामी चुनावों पर प्रभाव
यह मामला विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को कितना प्रभावित करेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा। लेकिन एक बात तय है कि इस मुद्दे ने दिल्ली की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है।
