एक लाल के चार वंशज मैदान में, राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में देवीलाल परिवार सबसे आगे
चंडीगढ़, 26 अप्रैल। हरियाणा की राजनीति तीन लालों (चौधरी देवीलाल, चौधरी बंसी लाल व चौधरी भजन लाल) के इर्दगिर्द ही घुमती रही है। अब भाजपा व कांग्रेस द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि दो लालों (चौधरी बंशी लाल व चौधरी भजन लाल) के राजनीतिक विरासत संभालने वालों में से कोई भी वंशज मैदान में नहीं है।
कांग्रेस द्वारा भिवानी से श्रुति चौधरी की टिकट काटने के बाद 34 साल बाद यह पहला लोकसभा चुनाव होगा जब बंसीलाल परिवार का कोई सदस्य चुनाव मैदान में नहीं होगा। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की पौती श्रुति चौधरी की टिकट काट दी है। इसी तरह भाजपा में शामिल होने के बाद 26 साल बाद इस बार भजन लाल परिवार भी चुनाव मैदान से बाहर है।
भाजपा ने हिसार से पूर्व सीएम भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई को टिकट नहीं दी। कांग्रेस से उनके भाई चंद्रमोहन बिश्नोई को टिकट की चर्चा थी लेकिन कांग्रेस ने वहां जयप्रकाश को उतार दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि चौधरी देवीलाल परिवार से चार प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें कुरुक्षेत्र से चौधरी देवीलाल के पौते अभय सिंह चौटाला, हिसार सीट से चौधरी देवीलाल के बेटे चौ. रणजीत सिंह, चौधरी देवीलाल की पौत्रवधू नैना व सुनैना चौटाला मैदान में हैं, चौधरी देवीलाल के परिवार से चारों ही प्रत्याशी भी अलग-अलग पार्टियों से मैदान में उतरे हुए हैं।
चौ. भजन लाल 1989 में पहली बार फरीदाबाद से लोकसभा चुनाव जीते थे। 1998 में करनाल से जीते थे। 2009 से 2019 तक इस परिवार ने हिसार सीट से 4 चुनाव लड़े। भिवानी-महेंद्रगढ़ से 1977 से 2019 तक बंसी परिवार की 3 पीढियों ने 11 चुनाव लड़े है। 1977 में पहली बार चौ. बंसीलाल भिवानी सीट से चुनाव लड़े थे।

उसके बाद से सिर्फ 1991 में ऐसा मौका रहा जब इस परिवार से यहां कोई चुनाव मैदान में नहीं उतरा। हालांकि 1991 में भी उनकी हविपा ने ही सीट जीती थी। इस सीट पर बंसी परिवार की 3 पीढिय़ों ने कुल 11 चुनाव लड़े और 6 बार जीते थे। पिछले दो बार से बंसीलाल की पौती श्रुति चुनाव हार रहीं थी। 2 बार सुरेंद्र और एक बार बंसी हारे थे।
हालांकि चौ. देवीलाल की राजनीति में एंट्री आजादी से पहले ही हो गई थी पर आजादी के बाद वे खुद या उनके परिवार का कोई न कोई सदस्य विधायक या सांसद लगातार बनते आ रहे है। उनकी चौथी पीढ़ी भी उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही है।
इस बार भी चौधरी देवीलाल परिवार के चार सदस्य चुनावी महाभारत में उतरे हुए है। पर इस बार चौ. बंसीलाल व चौ. भवन लाल परिवार से कोई सदस्य मैदान में नहीं है।

राजनीतिक विरासत को उक्त दोनों लालों के वंशज बढ़ा रहे है। जिनमें चौ. बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी मौजूदा विधायक है तो चौ. भजन के पौत्र भव्य बिश्नोई भी मौजूदा विधायक है। अब आगे आने वाले विधानसभा चुनावों में तीनों लालों के परिवारों का अहम स्थान होगा यह बात किसी प्रकार की अतिशयोक्ति नहीं होगी। या यूं कहें कि तीनों लालों के वंशजों के बिना हरियाणा की राजनीति सरपट नहीं दौड़ सकती।
चौ. देवीलाल परिवार की बात करें तो चौ. देवीलाल 1980 में सोनीपत से 1989 में रोहतक व सीकर से सांसद चुने गए और एक बार राज्यसभा के सदस्य रहे। चौ. ओमप्रकाश चौटाला व चौ. रणजीत सिंह 1-1 बार राज्यसभा के सदस्य रहे। चौ. अजय चौटाला 1999 में भिवानी से लोकसभा सदस्य चुने गए और एक बार राज्यसभा के सदस्य रहे। इसी तरह से दुष्यंत चौटाला 2014 में हिसार से सांसद बने।

अब चौ. देवीलाल परिवार रणजीत सिंह, नैना चौटाला व सुनैना हिसार से व कुरुक्षेत्र से अभय सिंह चौटाला चुनाव लड़ रहे हैं।
