सरकार जल्द करेगी बड़ा ऐलान, गन्ना किसानों को होगा सीधा लाभ
हरियाणा सरकार अब प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में नई शुगर मिलें (चीनी मिलें) खोलने की तैयारी चल रही है, जिससे हरियाणा के गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

हरियाणा सरकार की नई औद्योगिक योजना
- राज्य सरकार गन्ना उत्पादन वाले जिलों में नई शुगर मिलों की स्थापना करने पर विचार कर रही है।
- इसके लिए कृषि एवं औद्योगिक विभागों के संयुक्त प्रयास से एक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
- नई मिलों के लिए सरकारी भूमि आवंटन, निवेश प्रोत्साहन व सब्सिडी जैसे प्रावधान भी लाए जा सकते हैं।
निवेशकों को मिलेगा आकर्षक पैकेज
हरियाणा सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए शुगर मिलों पर विशेष निवेश पैकेज की घोषणा कर सकती है। इसके तहत—
- कर में छूट
- बिजली दरों में सब्सिडी
- ऋण पर कम ब्याज दर
- मशीनरी व उपकरणों पर अनुदान
जैसी सुविधाएं देने का प्रस्ताव है।
गन्ना किसानों को मिलेगा स्थायी बाजार
नई शुगर मिलों की स्थापना से प्रदेश के गन्ना किसानों को स्थायी खरीदार और उचित मूल्य मिल सकेगा। अभी किसान अक्सर गन्ने की बिक्री में देरी, भुगतान की समस्या और परिवहन लागत जैसी चुनौतियों से जूझते हैं।
किसानों को होने वाले प्रमुख लाभ
- गन्ने की समय पर खरीद और भुगतान सुनिश्चित होगा।
- मिलों की निकटता से परिवहन लागत घटेगी।
- गन्ने के मूल्य में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे किसानों को अधिक दाम मिलेंगे।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
हरियाणा में गन्ना उत्पादन की मौजूदा स्थिति
हरियाणा उत्तर भारत के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में से एक है।
- यहां करीब 1.2 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है।
- राज्य में वर्तमान में 11 चल रही चीनी मिलें किसानों से गन्ना खरीदती हैं।
- लेकिन मौजूदा मिलें क्षमता से अधिक दबाव में हैं, जिससे गन्ना भुगतान में देरी की समस्या बनी रहती है।
उत्पादन और मांग में अंतर
हर साल हरियाणा में गन्ना उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मिलों की सीमित संख्या के कारण—
- प्रोसेसिंग क्षमता कम पड़ जाती है
- किसानों को दूसरे राज्यों में गन्ना भेजना पड़ता है
- जिससे अतिरिक्त लागत और समय की बर्बादी होती है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
नई शुगर मिलों की स्थापना से केवल गन्ना किसानों को ही नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के कई अन्य वर्गों को भी लाभ होगा।
स्थानीय रोजगार में बढ़ोतरी
- मिलों के संचालन के लिए तकनीकी स्टाफ, मजदूर, ड्राइवर, मैकेनिक आदि की आवश्यकता होगी।
- इससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन
- शुगर मिलों के साथ बाय-प्रोडक्ट आधारित उद्योग जैसे इथेनॉल प्लांट, बायोगैस यूनिट, पावर जनरेशन यूनिट आदि भी स्थापित हो सकेंगे।
- इससे राज्य की औद्योगिक विकास दर में भी तेजी आएगी।
किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में बड़ा कदम
हरियाणा सरकार का यह फैसला प्रधानमंत्री के ‘दोगुनी आय’ लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगा।
- किसानों को गन्ने के उचित व समयबद्ध भुगतान से उनकी आय में वृद्धि होगी।
- उन्हें उपज का वाजिब दाम और स्थायी बाजार उपलब्ध होगा।
- कृषि आधारित उद्योगों की बढ़ोतरी से किसानों को सहायक व्यवसायों में भी आमदनी के अवसर मिलेंगे।

सरकार जल्द करेगी आधिकारिक घोषणा
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा सरकार अगले कुछ हफ्तों में नई शुगर मिलों को लेकर औपचारिक नीति की घोषणा कर सकती है।
- नीति में जिलावार स्थान चयन, निवेशकों के लिए शर्तें, पर्यावरण स्वीकृति और भूमि आवंटन जैसे बिंदु शामिल होंगे।
- साथ ही सरकार मौजूदा शुगर मिलों के आधुनिकीकरण की योजना भी बना रही है, ताकि उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके।
किसानों में उत्साह, उम्मीदों को मिली नई उड़ान
नई शुगर मिलों की खबर से हरियाणा के गन्ना किसान बेहद उत्साहित हैं।
- उनका मानना है कि इससे उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा
- उन्हें गन्ने की बिक्री के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा
- और वे कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकेंगे।
निष्कर्ष
हरियाणा में नई शुगर मिलों की स्थापना का प्रस्ताव न केवल किसानों के लिए राहत की खबर है, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि क्षेत्र और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देगा।
सरकार की यह योजना लागू होने के बाद हरियाणा गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

