शुरू से ही होती रही आधी आबादी की अनदेखी
हरियाणा की आधी लोकसभा सीटों पर अब तक कोई महिला नहीं बनी सांसद
चंडीगढ, 5 जून। केंद्र सरकार द्वारा नारी वंंदन विधेयक लाया जा चुका है। इसके बाद स्वाभाविक है कि महिलाओं की लोक
सभा में 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। पर अब तक हरियाणा में महिलाओं को संख्या के अनुपात में राजनीति में
बनती भागीदारी से वंचित रहती रही है । आने वाले समय में नारी वंंदन विधेयक पास होने के बाद महिलाओं का संसद की
चौखट तक पहुंचने का सपना साकार हो की उम्मीद है। हरियाणा में आजादी के बाद से अब तक महिलाओं को कोई खास
तवज्जो नहीं मिल पाई है। इस बार लोकसभा चुनाव 2024 की बात करें तो 10 सीटों में से महज एक महिला (सिरसा से कुमारी
सैलजा) ही सांसद बनी है। शेष सभी सीटों पर पुरुष ही सांसद बने है। हालांकि अंबाला में बीजेपी ने बंतो कटारिया को मैदान में
उतारा था पर वे चुनाव हार गई।प्रदेश की कुछ ऐसी लोक सभा सीटें ऐसी हैं जहां से अब तक एक भी महिला को सांसद बनने
का अवसर नहीं मिला है। इनमें फरीदाबाद, गुडगांव, हिसार, रोहतक व सोनीपत सीट शामिल है। इन सीटों से 1952 से लेकर
2019 तक कोई महिला सांसद नहीं बनी । अन्य सीटों पर भी महिलाएं सांसद बनी है उन पर भी ज्यादा बार पुरुष ही सांसद बने
है । अंबाला लोक सभा से 1952 व 1957 में सुभद्रा जोशी सांसद बनी थी, उसके बाद 2004 व 2009 में कुमारी सैलजा को यहां
से सांसद बनने का मौका मिला । इसके अलावा सभी चुनावों में पुरुष ही सांसद बने । इसी प्रकार भिवानी-महेंद्रगढ लोक सभा
से 1977 में चंद्रावती, 1999 में सुधा यादव व 2009 में श्रुति चौधरी सांसद बनी। करनाल से 1957 में सुभद्रा जोशी, कुरुक्षेत्र से
1998 व 1999 में कैलाशो देवी तथा सिरसा से 1991 व 1996 में कुमारी सैलजा व 2019 में सुनीता दुग्गल सांसद बनी और इस
बार 2024 में सिरसा से कुमारी सैलजा सांसद बनी है।मुख्य पार्टियों की बात करें तो इस बार सिरसा से कुमारी सैलजा कांग्रेस
पार्टी की तरफ से, अंबाला से बंतो कटारिया भाजपा की तरफ से एवं हिसार से नैना चौटाला जजपा व सुनैना चौटाला इनेलो से मैदान में उतरी थी पर इनमें से सिर्फ कुमारी सैलजा को ही महिला को विजयश्री प्राप्त हो सकी है।
भविष्य में नारी वंंदन विधेयक के तहत राजनीति में आने वाली महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी ।
स्वाभाविक है कि ऐसे में सांसद बनने वाली महिलाओं की संख्या निर्धारित अनुपात 33 प्रतिशत होगी और सत्ता में बनती भागीदारी में महिलाएं अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगी।
पंजाब में भी 13 सीटों पर सिर्फ एक महिला सांसद बनी
हरियाणा के पडोसी राज्य पंजाब की बात करें तो यहां भी सिर्फ एक ही महिला सांसद बनी है। पंजाब में 13 लोकसभा सीट है, जिसमें बठिंडा सीट से हरसिमरत कौर चुनाव जीत कर सांसद बनी है।
इससे पहले भी इस सीट से वे ही सांसद थी। इसके अलावा पंजाब की 12 लोकसभा सीटों पर पुरुष सांसद चुने गए है।
