सिरसा। शहीद ए आजम स्टूडेंट एसोसिएशन (एसएसए) की ओर से महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
यूनिवर्सिटी के प्रधान अज्जु चौधरी, मोनू बाजिया, सचिन, अमन देहरू, चंद्रपाल देहरू, मनीष हुडा, रवि, विकास, साहिल, दिनेश सहित अन्य ने बताया कि महाराजा सूरजमल का जीवन नई पीढि़ के लिए प्रेरणादायक व आदर्श भरा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में मुगलों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले राजाओं में महाराजा सूरजमल जी का नाम बड़े ही गर्व और गौरव के साथ लिया जाता है।
महाराजा सूरजमल ने 14 वर्ष की छोटी आयु में भरतपुर रियासत का राजकाज संभाला और फिर अनेक युद्ध जीतकर उसका विस्तार भी किया।
उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल ने अपनी दूरदर्शिता, साहस और वीरता के बल पर भरतपुर राज्य का विस्तार बहुत दूर तक किया था।
वह पूर्व में गंगा तक, दक्षिण में चम्बल तक, पश्चिम में आगरा तक तथा उत्तर में दिल्ली तक फैल गया। युद्ध की अपेक्षा कूटनीति का सहारा लेकर उन्होंने अपनी प्रजा को शांति और सुरक्षा प्रदान की।
अपनी ओर तनी अब्दाली की तोपों का उन्होंने अपनी कुशल रणनीति से रूख उल्टा मोड़ दिया था। ऐसे बलिदानी समाज के लिए आदर्श हंै और हमें उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।
