सिरसा जिले में बढ़ती बिजली लागत और अक्षय ऊर्जा के प्रति रुचि ने हजारों लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया है। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सिरसा में 16,316 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन अब तक केवल 580 घरों को ही सोलर पैनल की सुविधा मिल पाई है। यह योजना 15 फरवरी 2024 को शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य हर घर को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना के तहत, 2 किलोवाट के सोलर पैनल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो रोजाना लगभग 20 यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। यह ऑन-ग्रिड प्रणाली है, जो अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने की सुविधा देती है। इससे न केवल बिजली के बिल कम हो रहे हैं, बल्कि लोग अपनी जरूरत से ज्यादा बिजली बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।
16,316 आवेदन, परंतु संसाधनों की कमी से प्रक्रिया धीमी
डाक्शिन हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने बताया कि योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन सीमित संसाधनों और सोलर पैनल की आपूर्ति में देरी के कारण आवेदनकर्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों की शिकायतें
- ग्रामीण इलाकों के लोगों में खासतौर पर निराशा है, क्योंकि उन्हें अब तक सोलर पैनल की सुविधा नहीं मिली है।
- कुछ लोगों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के बाद कोई फॉलो-अप नहीं हो रहा।
- “हमने फरवरी में आवेदन किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई,” एक ग्रामीण ने बताया।
योजना के लाभार्थियों के अनुभव
जिन्होंने योजना के तहत सोलर पैनल लगवाए हैं, वे बेहद संतुष्ट हैं।
- बिजली बिल में कमी: सिरसा के निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उनके घर का बिजली बिल पहले ₹2,500 तक आता था, लेकिन अब यह ₹500 तक सीमित हो गया है।
- सौर ऊर्जा से अतिरिक्त आय: कुछ लोगों ने अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर ₹1,000 से ₹1,500 तक की मासिक आय भी दर्ज की है।
- पर्यावरण संरक्षण: लोग सौर ऊर्जा के जरिए पर्यावरण को भी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
DHBVN का आश्वासन और आगे की योजना
DHBVN ने कहा है कि अतिरिक्त संसाधन और पैनल जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। निगम के एक अधिकारी ने बताया, “हमने केंद्र से अतिरिक्त बजट और पैनल की आपूर्ति तेज करने का अनुरोध किया है। हमारा लक्ष्य सभी आवेदकों को सुविधा देना है।”
प्रक्रिया में तेजी लाने के कदम
- ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग: अब आवेदक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
- स्थानीय स्तर पर वर्कशॉप: DHBVN स्थानीय स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर रहा है, जिससे लोगों को सौर ऊर्जा और योजना की जानकारी दी जा रही है।
सोलर पैनल क्यों हैं जरूरी?
1. बिजली की बचत
सोलर पैनल के जरिए बिजली की खपत में भारी कमी लाई जा सकती है।
2. पर्यावरण के लिए लाभदायक
सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और हरित ऊर्जा स्रोत है, जो प्रदूषण को कम करता है।
3. लंबी अवधि में फायदे
एक बार निवेश के बाद सोलर पैनल 20-25 वर्षों तक बिजली उत्पादन कर सकते हैं।
ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग आवेदन प्रक्रिया और योजना के लाभों से अनजान हैं।
DHBVN का समाधान
- जागरूकता अभियान: निगम ने स्कूलों और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है।
- स्थानीय नेताओं की भागीदारी: ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए स्थानीय नेताओं को शामिल किया जा रहा है।
सरकार और DHBVN को और क्या करना चाहिए?
- बजट में वृद्धि: अधिक आवेदकों को कवर करने के लिए बजट बढ़ाया जाना चाहिए।
- स्थानीय आपूर्ति चैनल: स्थानीय स्तर पर सोलर पैनल निर्माण इकाइयां स्थापित की जानी चाहिए।
- प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना: आवेदकों को यह जानकारी होनी चाहिए कि उनका आवेदन किस चरण में है।
निष्कर्ष
सिरसा जिले में सोलर पैनल योजना को लेकर लोगों में उत्साह है, लेकिन धीमी प्रक्रिया और सीमित संसाधनों ने इसे प्रभावित किया है। सरकार और DHBVN को जल्द से जल्द आवेदकों की समस्याओं को सुलझाकर इस योजना को सफल बनाना चाहिए।
