घग्घर नदी टूटी, खेतों में भरा पानी
हरियाणा के सिरसा ज़िले में पनिहारी और बुर्जक्रमगढ़ गांवों के बीच घग्घर नदी टूटने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार सुबह अचानक नहर का बांध टूट गया, जिससे आसपास के खेतों में तेज़ी से पानी भर गया। देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ की फसलें जलमग्न हो गईं और किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।
मुख्य बिंदु
- पनिहारी और बुर्जक्रमगढ़ गांवों के बीच नहर टूटी।
- सैकड़ों एकड़ धान, कपास और बाजरे की फसलें डूबीं।
- किसानों के मोटर पंप और सिंचाई उपकरण भी खराब।
- प्रशासन ने राहत और मरम्मत कार्य शुरू किया।
- गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति, किसानों में आक्रोश।

फसलें बर्बाद, किसानों की मेहनत पर पानी
इस हादसे से सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ है जिनकी फसलें कटाई के लिए तैयार थीं। कपास और धान की फसल खेतों में खड़ी थी, लेकिन पानी भरने से पौधे गिर गए। वहीं, बाजरे और अन्य सब्जियों की फसल भी पूरी तरह से खराब हो गई।
किसानों का कहना है कि उन्होंने बीज, खाद और कीटनाशकों पर लाखों रुपये खर्च किए थे, लेकिन अब सारी मेहनत बेकार हो गई।
ग्रामीणों का आरोप: समय पर मरम्मत नहीं की गई
गांव के लोगों का आरोप है कि नहर की दीवार पहले से कमजोर थी। ग्रामीण कई बार सिंचाई विभाग को शिकायत कर चुके थे कि दीवार पर दरारें आ रही हैं, लेकिन समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया।
- अगर मरम्मत समय पर होती तो यह हादसा नहीं होता।
- प्रशासन की लापरवाही से फसलें चौपट हो गईं।
- किसानों को अब मुआवजे की मांग करनी पड़ रही है।
प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीनों की मदद से नहर को बंद करने का काम शुरू किया गया। पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए रेत के बैग और मिट्टी डाली जा रही है।
प्रशासन की अपील
- ग्रामीणों से कहा गया है कि वे सुरक्षित जगह पर रहें।
- फसलों के नुकसान का आंकलन करने के लिए टीम गठित की गई है।
- जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा देने का वादा किया गया है।
किसानों में आक्रोश और चिंता
घग्घर नदी टूटने से प्रभावित गांवों में किसानों का गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिल रही है।
- गुस्सा इसलिए कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए।
- चिंता इसलिए कि इस साल की पूरी फसल हाथ से निकल गई।
किसानों का कहना है कि अगर सरकार तुरंत मुआवजे की घोषणा नहीं करती तो उनका जीवनयापन मुश्किल हो जाएगा।
घग्घर नदी और नहर की पृष्ठभूमि
घग्घर नदी हरियाणा और पंजाब के लिए जीवन रेखा मानी जाती है। इस नदी से निकलने वाली नहरों के जरिए लाखों एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। लेकिन हर साल बरसात के मौसम में यह नदी और नहरें किसानों के लिए संकट भी बन जाती हैं।
- तेज बारिश से नहरों का जलस्तर बढ़ जाता है।
- कमजोर बांध और कच्ची दीवारें टूट जाती हैं।
- खेतों और गांवों में पानी भरने लगता है।

विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए नहरों की समय-समय पर तकनीकी जांच और मरम्मत जरूरी है। साथ ही, किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ा जाना चाहिए ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके।
आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि:
- जल्द ही नहर को ठीक किया जाएगा।
- किसानों के नुकसान का सर्वेक्षण किया जाएगा।
- मुआवजे और बीमा दावों की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
निष्कर्ष
पनिहारी और बुर्जक्रमगढ़ के बीच घग्घर नहर टूटने से सैकड़ों किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और समय पर देखभाल न होने का नतीजा है। अब ज़रूरत है कि सरकार और विभाग न केवल इस समस्या का स्थायी समाधान करें बल्कि प्रभावित किसानों को तुरंत राहत भी पहुंचाएं।

