दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित

दिव्य | Khabrain Hindustan | ज्योति जाग्रति संस्थान | महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम | आशुतोष महाराज |

सिरसा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संतुलन समग्र महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को पहचानता है। स्वाभिमान जैसे वार्षिक अभियान को आयोजित करके इसे प्राप्त करने का प्रयास करता है,

जो न केवल संवेदना को उत्पन्न करता है, बल्कि नारी शक्ति का उत्सव भी मनाता है। इस अभियान के तहत साहुवाला प्रथम में नारी शक्ति को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में महिलाओं को संपूर्ण रूप से सशक्त बनाने के अपने उद्देश्य और इसके साथ महिलाओं की खोई हुई गरिमा और उनके द्वारा दिए गए महान योगदानों पर चर्चा भी की गई।

इसका लक्ष्य एक महिला द्वारा अपने जीवन के चुनौतीपूर्ण रास्तों को समाज के समक्ष लाना है और समाज की मानसिकता में बदलाव लाने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाना है।

कैसे प्राचीन नारी आध्यात्मिक मार्ग के माध्यम से विजयीशील रही और कौन से गुण ऐसी प्रतिष्ठित महिला का निर्माण करते हैं। कार्यक्रम में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी जगदीपा भारती ने बताया कि आज महिलाएं बाहरी रूप से चाहे कितनी भी सशक्त क्यों न हो गई हों, लेकिन आध्यात्म को जीवन में उतारे बिना पूर्ण रूप से सशक्तिकरण हो ही नहीं सकता।

अभियान के संस्थापक व संचालक दिव्य गुरु आशुतोष महाराज द्वारा 21वीं सदी की वैदिक नारियों का निर्माण करने और आज की महिलाओं को यह अहसास कराने के लिए दी गई विचारधारा है कि शक्ति उनके भीतर ही विद्यमान है।

बस इसे जागृत करने की आवश्यकता है, जिसे आत्म जागृति ब्रह्मज्ञान के माध्यम से प्राप्त भी किया जा सकता है। झांसी की रानी, मीरा इत्यादि प्रतिष्ठित महिलाओं की बायोपिक्स का वर्णन, जिन्हें क्षेत्रीय नृत्य रूपों के माध्यम से अपनी खुद की रानी बनाई।

प्राचीन काल में वैदिक महिलाओं के मतभेदों को चित्रित करने वाले डिजिटल यात्रा वृतांत की स्क्रीनिंग और अब इस विचार का वर्णन करने हेतु कुछ अन्य उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

यह अभियान हर साल गति पकड़ते जा रहा है, जिसका लक्ष्य महिला सशक्तिकरण शब्द को फिर से परिभाषित करना और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।

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