हरियाणा की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर राहत मिली है। राज्य सरकार ने उसे 40 दिनों की पैरोल मंजूर कर दी है। पैरोल मिलते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष ने सरकार के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम पैरोल को लेकर हर बार विवाद खड़ा होता रहा है, क्योंकि इससे पहले भी उसे कई बार पैरोल और फरलो दी जा चुकी है।

40 दिन की पैरोल पर बाहर आएंगे राम रहीम
मिली जानकारी के अनुसार, डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को यह पैरोल जेल नियमों के तहत दी गई है। इस दौरान वह:
- सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहेगा
- किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा
- राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखेगा
- केवल निजी और धार्मिक कार्यों तक सीमित रहेगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पैरोल के दौरान कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
किन मामलों में सजा काट रहा है गुरमीत राम रहीम
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इस समय कई गंभीर मामलों में सजा काट रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- साध्वियों से दुष्कर्म के दो मामलों में उम्रकैद
- पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड
- डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह हत्याकांड
इन मामलों में सजा मिलने के बाद से वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है।
पहले भी कई बार मिल चुकी है पैरोल और फरलो
यह पहली बार नहीं है जब राम रहीम पैरोल पर बाहर आ रहा हो। इससे पहले भी उसे कई बार राहत मिल चुकी है:
- कभी 21 दिन
- कभी 30 दिन
- कभी 40 दिन की पैरोल
- कई बार फरलो भी दी गई
हर बार पैरोल मिलने पर राजनीतिक विवाद और विपक्षी दलों की नाराजगी सामने आती रही है।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
राम रहीम की 40 दिन की पैरोल को लेकर विपक्षी दलों ने हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि:
- चुनावी फायदे के लिए पैरोल दी जाती है
- कानून सबके लिए समान नहीं है
- गंभीर अपराधों में सजा पाए व्यक्ति को बार-बार राहत क्यों
कांग्रेस और अन्य दलों ने इस फैसले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सरकार की सफाई: नियमों के तहत दी गई पैरोल
हरियाणा सरकार की ओर से सफाई देते हुए कहा गया है कि:
- पैरोल पूरी तरह जेल मैनुअल के अनुसार दी गई है
- इसमें किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है
- पात्रता के आधार पर ही निर्णय लिया गया है
सरकार का कहना है कि कानून के तहत हर कैदी को पैरोल का अधिकार है।
सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी
- अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
- आश्रम के आसपास निगरानी
- सोशल मीडिया पर नजर
- किसी भी भीड़ जुटने पर रोक
प्रशासन नहीं चाहता कि पैरोल के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े।

चुनावी माहौल में पैरोल पर सवाल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में राम रहीम को पैरोल मिलना संयोग नहीं माना जा सकता। डेरा सच्चा सौदा का हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में बड़ा प्रभाव माना जाता है।
इसी वजह से हर बार पैरोल के समय सरकार के फैसले पर सवाल उठते हैं।
डेरा समर्थकों में खुशी का माहौल
वहीं, डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों में पैरोल की खबर के बाद खुशी देखी जा रही है। समर्थकों का कहना है कि:
- गुरु जी निर्दोष हैं
- उन्हें धार्मिक कारणों से पैरोल मिली है
- न्याय प्रक्रिया पर भरोसा है
हालांकि प्रशासन ने समर्थकों को आश्रम के बाहर जुटने से मना किया है।
Gurmeet Ram Rahim Parole News: आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि:
- पैरोल के दौरान राम रहीम क्या गतिविधियां करता है
- क्या सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा
- विपक्ष इसे किस तरह मुद्दा बनाएगा
गुरमीत राम रहीम की 40 दिन की पैरोल आने वाले दिनों में हरियाणा की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बनी रहेगी।

