लगातार बारिश से बढ़ा संकट
सिरसा जिले में घग्गर नदी का जलस्तर लगातार हो रही बारिश के कारण खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह पांच घंटे तक हुई मूसलधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। जिला प्रशासन ने तुरंत सभी स्कूलों को 6 सितंबर तक बंद करने का आदेश दिया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

डीसी ने दिए सख्त निर्देश
डिप्टी कमिश्नर शांतनु शर्मा ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। हर छोटे-बड़े रिसाव और दरार पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
धानी सुखचैन गांव में तटबंध टूटा
सुबह-सुबह धानी सुखचैन गांव के पास घग्गर नदी के तटबंध में दरार आ गई। इस दरार ने ग्रामीणों में हड़कंप मचा दिया। देखते ही देखते पानी खेतों में तेजी से भरने लगा। ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से मिट्टी के बोरे डालकर तटबंध को बचाने की कोशिश की। घंटों तक बारिश में खड़े होकर लोगों ने रिसाव पर काबू पाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों का संघर्ष
- मिट्टी और रेत के बोरे लाकर तटबंध भरे गए
- महिलाएं और बच्चे भी मदद में शामिल हुए
- प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया
कई गांवों पर बाढ़ का खतरा
सिरसा जिले के मल्लेवाला, नेजादला कलां और फरीवाही गांवों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। लगातार तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है ताकि बाढ़ से बचा जा सके। पंजाब और हरियाणा की ओर से आ रहा तेज पानी सिरसा की तरफ बढ़ रहा है, जिससे हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं।
सिरसा शहर की सड़कें बनी तालाब
भारी बारिश और नदी के उफान ने सिरसा शहर में भी परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया है।
प्रभावित क्षेत्र
- बेगू रोड
- गोल डिग्गी चौक
- हिसारिया बाजार
- नौरिया बाजार
- रानिया रोड
इन सड़कों पर 2 से 2.5 फीट तक पानी भर गया है। दोपहिया वाहन बीच रास्ते में खराब हो रहे हैं और लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
प्रशासन की तैयारियां
डीसी शांतनु शर्मा ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और रेस्क्यू टीमों को तैयार रखा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से हर स्थिति से निपटने की योजना बनाई जा रही है।
प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम
- सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया
- गांवों में लगातार निगरानी और तटबंध की जांच
- राहत शिविरों की तैयारी
- मेडिकल टीमों को अलर्ट किया गया

किसानों की बढ़ी चिंता
घग्गर नदी का उफान किसानों के लिए बड़ा संकट बनकर आया है। खेतों में खड़ी कपास, धान और अन्य फसलें पानी में डूबने लगी हैं।
- फसलों को भारी नुकसान का डर
- पशुओं के लिए चारा संकट की संभावना
- ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और निचले इलाकों के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
सुरक्षा के लिए जारी किए गए निर्देश
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों और शहरी निवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
- बच्चों को नदी किनारे और पानी भरे इलाकों में न भेजें
- सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की तैयारी रखें
- प्रशासन की हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करें
- जलभराव वाले इलाकों में वाहन न ले जाएं
निष्कर्ष
घग्गर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने से सिरसा जिले में स्थिति गंभीर बनी हुई है। ग्रामीण तटबंधों को बचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं जबकि प्रशासन ने स्कूल बंद कर लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में सतर्कता और सामूहिक सहयोग से ही इस संकट से निपटा जा सकेगा।

