लगता है अब वॉशिंग मशीन कांग्रेस के कब्जे में आ गई है
सिरसा। हरियाणा में विधानसभा चुनावों को लेकर नामांकन प्रक्रिया का शनिवार को तीसरा दिन है। टिकट न मिलने वाले नेताओं के बगावती तेवर दिखने लगे हैं।
अपनी पार्टी में बगावत कर दूसरी पार्टी में जमीन तलाशने के दिन चल रहे हैं। उसके बाद भी बात न बनी तो ऐसे नेता अपनी
पार्टियों के कैंडिडेंटों की जड़ें खोदने के लिए ताकत लगाएंगे ताकि पार्टी को अहसास कराया जा सके कि उनको टिकट न देकर पार्टी ने भूल की है। यह खेल किस पार्टी के लिए कितना घातक साबित होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
दरअसल हरियाणा में टिकटों के बंटवारे का सिलसिला शुरू हो गया है। कांग्रेस, बीजेपी, इनेलो, जेजेपी ने कुछ सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
संबंधित पार्टी के वे नेता बगावत पर उतर आए हैं जिन्हें टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। अभी सूची और आएगी तो भगदड़ बढऩे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उसके बाद खेल शुरू होगा जीताने और हराने का। ऐसी स्थिति में किस सीट से कौन बाजी मार जाएगा उसका माहौल नामांकन के बाद बनेगा।
फिलहाल भगदड़ की सबसे ज्यादा समस्या बीजेपी में बनी हुई है। जिस प्रकार नेता लोग बीजेपी की सरकार बनने की उम्मीद पर पार्टी में शामिल हुए थे और उसी प्रकार बीजेपी को छोड़ते भी जा रहे हैं।
मानो अब वॉशिंग मशीन कांग्रेस के कब्जे में आ गई हो। मौकापरस्त फितरत तो नेताओं की रही ही है। ऐसे में राज के साथ चलने की लालसा उनको पार्टियां छोड़ने को लालायित करती है।
शनिवार को भी बीजेपी के कुछ नेताओं की कांग्रेस में शामिल होने की संभावनाएं बनी हुई है।
