पंजाब बाढ़ 2025: अमृतसर में राहत कार्यों की कमान संभाल रहीं IAS अधिकारी
पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खासकर अमृतसर जिले में बाढ़ (Amritsar Floods 2025) से हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। इस संकट की घड़ी में जिले की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर IAS साक्षी साहनी (IAS Sakshi Sahni) लोगों के लिए राहत और उम्मीद की किरण बनकर सामने आई हैं।

IAS साक्षी साहनी: अमृतसर की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर
- 2014 बैच की IAS अधिकारी
- 2013 UPSC परीक्षा में 6वीं रैंक हासिल की
- अमृतसर जिले की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर बनीं
- संवेदनशीलता और प्रशासनिक दक्षता के लिए जानी जाती हैं
IAS Sakshi Sahni Profile लोगों को प्रेरणा देती है। उनका प्रशासनिक अनुभव और मानवीय दृष्टिकोण उन्हें एक अलग पहचान दिलाता है।
बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात और मानवीय पहल
अमृतसर में जब Flood Relief Work in Punjab चल रहा था, तब डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी खुद प्रभावित गांवों में पहुंचीं। वहां लोगों ने उन्हें गले लगाया और आशीर्वाद दिया।
लोगों के प्रति उनका संवेदनशील व्यवहार:
- गांव-गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया
- बाढ़ पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद किया
- राहत शिविरों और बचाव कार्यों की समीक्षा की
- प्रशासनिक टीम को तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए
IAS साक्षी साहनी की नेतृत्व शैली
साक्षी साहनी सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी नहीं बल्कि एक जन-सेवक की भूमिका निभा रही हैं। उनका नेतृत्व संकट की इस घड़ी में और भी चमक उठा है।
उनकी कार्यशैली की मुख्य बातें:
- सहानुभूति और सहयोग पर आधारित नेतृत्व
- समस्याओं को नजदीक से समझने का तरीका
- पारदर्शी और जिम्मेदार प्रशासन
- राहत कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने की रणनीति
बाढ़ राहत कार्यों की जमीनी हकीकत
अमृतसर जिले में बाढ़ से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है और कई घरों में पानी भर गया है। ऐसे में IAS साक्षी साहनी ने:
- राहत शिविरों में भोजन और दवा की व्यवस्था करवाई
- प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय केंद्र बनाए
- स्वास्थ्य टीमों को गांव-गांव भेजा
- किसानों की फसल हानि का सर्वेक्षण शुरू कराया
जनता के लिए IAS साक्षी साहनी बनीं “उम्मीद की किरण”
बाढ़ प्रभावित लोगों ने डिप्टी कमिश्नर के मानवीय रवैये की सराहना की। लोग कहते हैं कि उन्होंने पहली बार किसी अधिकारी को इतने नजदीक से जनता के साथ खड़ा देखा।
लोगों की प्रतिक्रियाएं:
- “मैडम ने हमें गले लगाया, यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।”
- “उन्होंने हमारी बात सुनी और तुरंत मदद का आश्वासन दिया।”
- “ऐसा प्रशासन हमें और मजबूत बनाता है।”

UPSC टॉपर से प्रेरक अधिकारी तक का सफर
IAS साक्षी साहनी का सफर युवाओं के लिए प्रेरणा है।
- 2013 में UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया 6वीं रैंक हासिल की
- IAS बनने के बाद विभिन्न जिलों में प्रशासनिक कार्य किए
- अमृतसर में पहली महिला डिप्टी कमिश्नर बनकर इतिहास रचा
- अब बाढ़ राहत कार्यों में सक्रिय भागीदारी कर रहीं हैं
पंजाब बाढ़ 2025: प्रशासन की चुनौतियां
पंजाब में आई बाढ़ ने प्रशासन के सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं:
- हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना
- फसलों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- राहत सामग्री की समय पर आपूर्ति
- स्वास्थ्य संबंधी खतरों से निपटना
इन चुनौतियों के बीच IAS साक्षी साहनी का नेतृत्व Punjab Flood Relief कार्यों को मजबूती दे रहा है
निष्कर्ष: जनता की सच्ची सेविका बनीं IAS साक्षी साहनी
पंजाब में आई भीषण बाढ़ के बीच IAS साक्षी साहनी का योगदान सिर्फ एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के प्रति मानवीय कर्तव्य है। उनका संवेदनशील रवैया और कार्यशैली यह साबित करती है कि एक सच्चा नेता वही है जो संकट की घड़ी में जनता के बीच खड़ा रहे।
अमृतसर की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर के रूप में साक्षी साहनी ने यह संदेश दिया है कि प्रशासनिक पद सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है।

